आज सावन का पहला सोमवार व्रत, जानें सावन सोलह सोमवार व्रत का महत्व और पूजा विधि

Shravan Somvar 2022

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सावन माह भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना होता है। इस माह में सोमवार व्रत रखते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने पर सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द पूरी होती हैं। सोलह सोमवार व्रत रखने सभी तरह की इच्छाएं भगवान भोलेनाथ अवश्य ही पूरी करते हैं।

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At the age of 14, the musical genius started his and began creating compositions and songs for instruments like the violin and piano.

सावन में जरूर जाप करें शिव मंत्र

ॐ नमः शिवाय।

ॐ पार्वतीपतये नमः।

2 नमो नीलकण्ठाय।

ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।

ऊर्ध्व भू फट्।

इं क्षं मं औं अं।

सावन सोमवार पर बेलपत्र चढ़ाने के नियम

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 बेलपत्र की तीन पत्तियां ही भगवान शिव को चढ़ती है। कटी-फटी पत्तियां कभी न चढ़ाएं।

बेलपत्र को हमेशा अनामिका,अंगूठे और मध्यमा अंगुली की मदद से चढ़ाएं एवं मध्य वाली पत्ती को पकड़कर शिवजी को अर्पित करें।

भगवान शिव को हमेशा उल्टा बेलपत्र यानी चिकनी सतह की तरफ वाला वाला भाग स्पर्श कराते हुए ही बेलपत्र चढ़ाएं।

शिव जी को कभी भी सिर्फ बिल्वपत्र अर्पण नहीं करें,बेलपत्र के साथ जल की धारा जरूर चढ़ाएं।

सावन सोमवार पर बेलपत्र चढ़ाने के नियम

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बेलपत्र कभी अशुद्ध नहीं होता। पहले से चढ़ाया हुआ बेलपत्र भी फिर से धोकर चढ़ाया जा सकता है।

शिव जी को कभी भी सिर्फ बिल्वपत्र अर्पण नहीं करें,बेलपत्र के साथ जल की धारा जरूर चढ़ाएं।

सावन सोमवार का व्रत

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01 सोमवार का दिन शिव आराधना के लिए खास माना जाता है। ऐसे में सावन के पवित्र महीने में आने वाले सोमवार का महत्व काफी बढ़ जाता है। शिवजी की विशेष कृपा पाने के लिए सावन सोमवार का व्रत रखा जाता है।

02 शिव आराधना के लिए सबसे अच्छा और पवित्र महीना सावन का होता है। ऐसे में जो भक्त अपनी मनोकामना को प्राप्त करने के लिए व्रत रखना चाहता है उसे सोलह सोमवार का व्रत आरंभ करने के लिए यह समय बहुत ही शुभ होता है।

सावन सोलह सोमवार व्रत का महत्व

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01 सावन का महीना भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सबसे अच्छा महीना माना जाता है। सावन के महीने में सोलह सोमवार व्रत का विशेष महत्व होता है। सावन सोमवार के साथ 16 सोमवार का व्रत करने का संकल्प लिया जाता है। सुहागिन महिलाएं और अविवाहित कन्याएं भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा पाने के लिए सोलह सोमवार का व्रत रखती हैं।

02 पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए सोलह सोमवार का व्रत रखा था। मां पार्वती के 16 सोमवार का व्रत और कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने मां पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इस कारण से 16 सोमवार व्रत का विशेष महत्व होता है।

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