चपरासी को मिलेगा सालाना 1 करोड़ का पैकेज! जानिए कौन कर सकता है अप्लाई और कैसे

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स्वीपर और चपरासी जैसे पदों पर काम करने वालों को बेहतर सैलरी के साथ-साथ हफ्ते में दो दिन की छुट्टी भी मिलेगी. आइए जानते हैं कि इन पोस्ट के लिए कैसे अप्लाई किया जा सकता है.

आमतौर पर नौकरी करने वाले युवाओं को मनमुताबिक सैलरी पाने में सालों लग जाते हैं.

वहीं अगर बात करें भारत की तो यहां डी ग्रुप के पदों जैसे चपरासी, स्वीपर और हेल्पर का काम करने वालों की सैलरी बहुत कम होती है.

फिर भी इन पदों पर जब कोई वैकेंसी आती है तो इसके लिए ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री रखने वालों के आवेदन भी आते हैं.

ऐसे में अगर कहा जाए कि स्वीपर और चपरासी की नौकरी करने वालों को 08 लाख रुपये हर महीने की सैलरी मिल रही है तो यह जानकार सबको हैरानी होगी, लेकिन ऐसा सच में है.

ऑस्ट्रेलिया में कुछ कंपनियां स्वीपर और चपरासी जैसे पदों के लिए 97 लाख रुपये सालाना पैकेज देने को तैयार हैं.

दरअसल, इस समय ऑस्ट्रेलिया सफाई कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहा है. यही वजह है कि, वहां डी ग्रुप के कर्मचारियों की सैलरी इतनी ज्यादा हो गई है.

आपको यह जानकार हैरानी होगी कि, इतनी अच्छी सैलरी के बाद भी लोग इन पदों पर काम करने को तैयार नहीं हैं.

ऑस्ट्रेलिया में चपरासी और स्वीपर की नौकरी के लिए कोई विशेष योग्यता तय नहीं हुई है.

इसमें अलग-अलग कंपनियों में उनके नियमों के अनुसार योग्यता मांगी गई है. हालांकि, ज्यादातर कंपनियां उन्हें ही स्वीपर और चपरासी के पदों पर नौकरी देती हैं जिनके पास पहले का करने का अनुभव हो.

बता दें कि, कंपनियों की ओर से स्वीपर या चपरासी के पदों पर भर्ती के लिए एड जारी किए जाता हैं.

ऑस्ट्रेलिया सफाईकर्मियों की कमी का सामना साल 2021 से ही कर रहा है.

करीब एक साल पहले यहां सफाईकर्मी को 2700 रुपये प्रति घंटा मिलता था. क्लीनिंग डिपार्टमेंट की सैलरी 45 डॉलर प्रति घंटा यानी भारतीय मुद्रा में यह लगभग 3600 रुपये हो गई है.

कुछ सफाई कंपनियां तो 4700 रुपये प्रति घंटा वेतन देने को तैयार हैं.